साक्षरता शिक्षण में 4 -Block Approach: Literacy Teaching through 4 block approach : NCF-FS 2022 के अनुसार संतुलित पठन-पाठन की एक व्यावहारिक रूपरेखा

लेखक सुनील कुशवाहा ( Writer Sunil kushwaha)

इस लेख में चार-खंडीय दृष्टिकोण (Four-Block Approach) को संक्षेप में समझाया गया है। इसे उदाहरणों और कक्षा में प्रयोग की प्रक्रिया सहित विस्तार से समझने के लिए मेरा YouTube चैनल Math with Sunil Kushwaha देखें। YouTube पर “Math with Sunil Kushwaha” खोजकर चैनल पर जाएँ। लिंक नीचे दिया गया गया I

भूमिका

बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने के प्रश्न पर लंबे समय से दो अलग-अलग प्रकार की शिक्षण-पद्धतियों पर चर्चा होती रही है। एक ओर ऐसी पद्धति है जिसमें शिक्षक पहले अक्षर और उनकी ध्वनियों को सिखाते हैं, फिर उनसे शब्द, वाक्य और अंततः पाठ तक ले जाते हैं। दूसरी ओर ऐसी पद्धति है जिसमें बच्चों को शुरुआत से ही कहानियों, कविताओं, चित्रों और अर्थपूर्ण भाषा से जोड़ा जाता है और उन्हें भाषा के समृद्ध अनुभव दिए जाते हैं।

आज प्रारंभिक साक्षरता शिक्षण में यह समझ अधिक महत्वपूर्ण हो गई है कि बच्चों को शब्द पढ़ना सीखने के साथ-साथ कहानियों और समग्र भाषा के समृद्ध अनुभव भी मिलना आवश्यक है। इसी कारण एनसीएफ-एफएस 2022 भाषा और साक्षरता शिक्षण में संतुलित साक्षरता दृष्टिकोण (Balanced Literacy Approach) पर बल देता है।

Balanced Approach का मूल विचार यह है कि बच्चों को एक ओर word recognition, phonological awareness और decoding जैसी skills का व्यवस्थित और स्पष्ट शिक्षण मिले, वहीं दूसरी ओर उन्हें oral language, अर्थ-निर्माण, कहानी, पठन और अभिव्यक्तिपूर्ण लेखन के पर्याप्त अवसर भी मिलें। NCF-FS 2022 इसे meaning-focused और skills-focused learning के बीच संतुलन के रूप में प्रस्तुत करता है।

इसी संतुलन को दैनिक कक्षा में लागू करने के लिए NCF-FS 2022 में Four-Block Approach for Literacy Instruction प्रस्तुत किया गया है।

Four-Block Approach क्या है?

Four-Block Approach में भाषा और साक्षरता शिक्षण को चार परस्पर जुड़े हुए क्षेत्रों में व्यवस्थित किया जाता है:

  1. मौखिक भाषा विकास (Oral Language Development)
  2. शब्द पहचान (Word Recognition)
  3. पढ़ना (Reading)
  4. लेखन (Writing)

NCF-FS 2022 के अनुसार इन चारों क्षेत्रों की गतिविधियाँ एक-दूसरे से integrated हो सकती हैं, लेकिन बच्चों को प्रत्येक क्षेत्र में नियमित रूप से सीखने और अभ्यास करने का अवसर मिलना आवश्यक है। विशेष रूप से oral language, decoding-related work, reading और writing  को प्रतिदिन शिक्ष्ण में शामिल करने की बात कही गई है।

इसलिए Four-Block Approach का अर्थ यह नहीं है कि शिक्षक चार बिल्कुल अलग-अलग पाठ पढ़ाए। इसका अर्थ है कि एक दैनिक literacy lesson में भाषा और साक्षरता के इन चारों आयामों के लिए  नियोजित अवसर हों।

यही इस approach की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।

1. मौखिक भाषा विकास: Oral Language Development

साक्षरता केवल लिखे हुए शब्दों को पहचानने की क्षमता नहीं है। बच्चा जो पढ़ता है उसे समझने के लिए उसके पास पहले से विकसित oral language, word recognition, vocabulary, background knowledge और comprehension होना आवश्यक है।

इसीलिए Four-Block Approach का पहला घटक है—Oral Language Development।

इस block में बच्चों को अधिक से अधिक सुनने और बोलने के अवसर दिए जाते हैं। NCF-FS 2022 इसके लिए picture conversations, sharing experiences, storytelling तथा drama और role play जैसी गतिविधियों का सुझाव देता है।

कक्षा में क्या किया जा सकता है?

चित्र पर बातचीत

बच्चों को कोई चित्र दिखाकर पूछा जा सकता है:

  • चित्र में आपको क्या दिखाई दे रहा है?
  • यहाँ कौन-कौन हैं?
  • वे क्या कर रहे होंगे?
  • आपको कैसे पता चला?
  • आगे क्या हो सकता है?

यह केवल vocabulary activity नहीं है। इससे बच्चे देखने, सोचने, अनुमान लगाने और अपने विचारों को भाषा में व्यक्त करने का अभ्यास करते हैं।

अनुभव साझा करना

बच्चों के अपने जीवन के अनुभव oral language development के लिए अत्यंत उपयोगी संसाधन हैं।

उदाहरण के लिए:

“क्या तुम कभी बाजार गए हो? वहाँ तुमने क्या देखा?” “तुम्हे वहां कैसा लगा और क्यों ?”

इस तरह की बातचीत बच्चों को अपने अनुभव को क्रमबद्ध करके बताने, नए शब्दों का प्रयोग करने और दूसरों की बात सुनने का अवसर देती है।

कहानी सुनाना और सुनना

शिक्षक कहानी सुना सकते हैं या बच्चों से स्वयं कहानी सुनाने को कह सकते है। कहानी के पहले, दौरान और बाद में बातचीत comprehension और oral expression दोनों को विकसित करती है।

नाटक और role play

कहानी के पात्रों का अभिनय करना बच्चों को भाषा को वास्तविक संदर्भ में इस्तेमाल करने का अवसर देता है।

इस block में लक्ष्य यह नहीं है कि बच्चे लिखें। मुख्य लक्ष्य है कि बच्चे सुनें, समझें, बोलें, बातचीत करें और अपने विचार व्यक्त करें।

ब्लॉक 2. शब्द पहचान: ध्वनि से लिखित शब्द तक ( Decoding)

दूसरा block है Word Recognition।

यह वह क्षेत्र है जहाँ बच्चों को लिखित भाषा को पहचानने और decode करने के लिए आवश्यक foundational skills का व्यवस्थित शिक्षण मिलता है।

NCF-FS 2022 के Four-Block Model में इसके अंतर्गत मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ध्वनि जागरूकता (Phonological awareness)
  • वर्ण पहचान (Letter recognition)
  • ध्वनि प्रतिक सम्बन्ध (Sound-symbol association)
  • कौशल लेखन : (Skill-focused writing of letters and words)
  • वर्ण और शब्द पठन (Letter and word reading)

ध्वनि जागरूकता (Phonological awareness)

Phonological awareness का अर्थ है भाषा की ध्वनि-संरचना के प्रति जागरूकता विकसित होना। बच्चा यह समझने लगता है कि spoken language शब्दों से बनी है और शब्दों को आगे syllables तथा छोटी ध्वनि इकाइयों में समझा जा सकता है।

यह skill मुख्यतः oral स्तर पर विकसित होती है।

उदाहरण के लिए शिक्षक किसी शब्द को बोलकर बच्चों से पूछ सकता है:

“मकान शब्द में हमें कौन-कौन सी ध्वनियाँ सुनाई देती हैं?”

या बच्चों को शब्दों को सुनकर उनके प्रारंभिक या अंतिम ध्वनि के आधार पर पहचानने को कहा जा सकता है।

यहाँ महत्वपूर्ण बात यह है कि phonological awareness को ध्वनि को सुनकर और उसके साथ काम करके विकसित किया जाता है।

अक्षर पहचान और sound-symbol association

इसके बाद बच्चों को यह समझने की आवश्यकता होती है कि बोली गई ध्वनि को लिखित प्रतीक के माध्यम से कैसे दर्शाया जाता है।

अर्थात:

ध्वनि → प्रतीक और प्रतीक → ध्वनि

हिंदी जैसी alphabetic writing system में बच्चों को वर्णों, मात्राओं और उनसे बनने वाली इकाइयों के बीच संबंध समझने की आवश्यकता होती है।

केवल वर्ण सिखाना पर्याप्त क्यों नहीं है?

परंपरागत तरीके में कभी-कभी यह क्रम अपनाया जाता है:

वर्ण → सभी मात्राएँ → शब्द → वाक्य → पाठ

लेकिन ने शोध एक अधिक उपयोगी रास्ता सुझाता है। कुछ वर्णों/अक्षरों और मात्राओं का ज्ञान प्राप्त होते ही बच्चों को उनसे अक्षर, शब्द और वाक्य पढ़ने-लिखने के अवसर दिए जा सकते हैं। सभी वर्ण और मात्राएँ पहले पूरी तरह सिखाने की प्रतीक्षा आवश्यक नहीं है।

उदाहरण के लिए यदि बच्चों ने कुछ उपयोगी वर्ण और ‘आ’ की मात्रा सीखी है, तो उनसे संभव शब्दों को बनाना और पढ़ना शुरू किया जा सकता है।

इससे दो प्रक्रियाएँ साथ-साथ चलती हैं:

अक्षर/ध्वनि का ज्ञान + वास्तविक शब्दों को पढ़ना

यही Balanced Approach की महत्वपूर्ण विशेषता है।


3. पढ़ना: decoding से meaning-making तक

तीसरा block है पढ़ना Reading।

Reading को केवल शब्दों को आवाज़ देकर पढ़ देना नहीं समझना चाहिए। Foundational literacy में लक्ष्य है कि बच्चा प्रवाह और समझ के साथ पढ़े।

इसलिए बच्चों को केवल decoding practice देना पर्याप्त नहीं है। जब बच्चे decoding सीख रहे हों, उसी समय उन्हें कहानी और अन्य meaningful texts से भी जोड़े रखना आवश्यक है। NCF-FS 2022 विशेष रूप से कहता है कि decoding सीखते समय बच्चों को storybooks सुनने, पढ़ने और उन पर प्रतिक्रिया देने तथा पढ़े गए text के response में लिखने या drawing करने के अवसर मिलते रहने चाहिए।

Reading block में चार महत्वपूर्ण practices

1. Read Aloud

शिक्षक बच्चों को कहानी या अन्य उपयुक्त पाठ पढ़कर सुनाते हैं I

इसका महत्व बहुत अधिक है क्योंकि बच्चे ऐसे texts भी सुन सकते हैं जिन्हें वे अभी स्वतंत्र रूप से नहीं पढ़ सकते।

शिक्षक पढ़ते समय रुककर पूछ सकता है:

  • आगे क्या होगा?
  • इस पात्र ने ऐसा क्यों किया?
  • तुम्हें कैसे पता चला?
  • कहानी का कौन-सा भाग तुम्हें अच्छा लगा?

इससे reading को केवल decoding नहीं बल्कि meaning-making बनाया जाता है।

2. Shared Reading

शिक्षक और बच्चे मिलकर text पढ़ते हैं। शिक्षक modeling करता है और बच्चे धीरे-धीरे reading में भाग लेते हैं।

3. Guided Reading

शिक्षक बच्चों को पढ़ने में सहायता देता है और उनके reading behaviour के आधार पर prompts और feedback देता है।

4. Independent Reading

बच्चों को अपनी क्षमता के अनुरूप सरल texts पढ़ने का अवसर दिया जाता है।

इससे धीरे-धीरे वे स्वतंत्र पाठक बनने की ओर बढ़ते हैं।

4. लेखन: केवल handwriting नहीं, अभिव्यक्ति

Four-Block Approach का चौथा घटक है Writing।

लेखन को केवल सुंदर अक्षर लिखने या workbook में अक्षर दोहराने तक सीमित करना उचित नहीं है। NCF-FS 2022 लेखन को बच्चों के विचारों और अनुभवों की अभिव्यक्ति से जोड़ता है। लेखन की यात्रा drawing से शुरू होकर labelling, शब्दों और phrases तथा आगे meaningful sentences और स्वतंत्र लेखन की ओर बढ़ सकती है।

Writing block में चार प्रकार की practices महत्वपूर्ण हैं:

Modelled Writing

शिक्षक बच्चों के सामने लिखकर दिखाता है और सोचने की प्रक्रिया को model करता है।

उदाहरण:

“मैं इस चित्र के बारे में एक वाक्य लिखना चाहता हूँ। पहले मैं सोचूँगा कि चित्र में क्या हो रहा है…”

बच्चे देखते हैं कि विचार को लिखित भाषा में कैसे बदला जाता है।

Shared Writing

शिक्षक और बच्चे मिलकर लिखते हैं। बच्चे विचार देते हैं और शिक्षक उन्हें लिखित रूप देता है।

Guided Writing

बच्चे स्वयं लिखते हैं, लेकिन शिक्षक आवश्यक prompts, scaffolding और feedback देता है।

Independent Writing

बच्चों को अपने विचारों को स्वतंत्र रूप से लिखने का अवसर मिलता है।

वे अपनी क्षमता के अनुसार कहानी, संदेश, वाक्य, निर्देश, अनुभव या चित्र का विवरण लिख सकते हैं।

इस प्रकार लेखन धीरे-धीरे copying से composition की ओर बढ़ता है।

चारों blocks को अलग-अलग डिब्बों की तरह नहीं समझना चाहिए

Four-Block Approach को समझने में सबसे आम गलती यह है कि शिक्षक चार blocks को चार completely separate lessons मान ले।

वास्तव में NCF-FS 2022 कहता है कि इन blocks की गतिविधियाँ एक पुरे पाठ योजना में होनी चाहिए I

हालाँकि NCF-FS के अन्य हिस्सों में 6–8 वर्ष के बच्चों के लिए R1 को प्रतिदिन 90 मिनट देने का एक illustrative routine दिया गया है, जिसमें language activities को blocks में व्यवस्थित किया गया है। इसे एक illustrative timetable समझना चाहिए, न कि हर कक्षा के लिए rigid formula।


एक प्रभावी दैनिक Lesson Plan कैसा दिख सकता है?

यदि शिक्षक के पास लगभग 90 मिनट का literacy instructional time है, तो एक संभावित structure इस प्रकार हो सकता है:

समयBlockसंभावित गतिविधि
15–20 मिनटOral Languageचित्र पर बातचीत, अनुभव साझा करना, कहानी/चर्चा
20–25 मिनटWord Recognitionphonological awareness, अक्षर/ध्वनि संबंध, decoding, शब्द पढ़ना
25–30 मिनटReadingread aloud/shared/guided/independent reading
15–20 मिनटWritingmodelled/shared/guided/independent writing

लेकिन यह केवल उदाहरण है। वास्तविक lesson में blocks overlap भी कर सकते हैं। जैसे मौखिक भाषा विकास के खंड में चर्चा के बाद लेखन कार्य कराया जा सकता है और फिर शब्द पहचान फिर पठन

इसलिए बेहतर lesson plan वह नहीं है जिसमें चार boxes केवल भर दिए गए हों; बेहतर lesson plan वह है जिसमें चारों literacy dimensions उद्देश्यपूर्ण ढंग से एक-दूसरे से जुड़े हों।


Balanced Approach का वास्तविक अर्थ

Balanced Approach को “थोड़ा phonics और थोड़ा story” समझना बहुत सतही समझ होगी।

यह वास्तव में दो प्रकार के learning goals के बीच संतुलन स्थापित करता है।

Skills-focused learning

इसमें बच्चे सीखते हैं:

  • print awareness
  • phonological awareness
  • letter recognition
  • sound-symbol association
  • decoding
  • शब्द पहचान
  • सही spelling/writing
  • letters और words लिखना

Meaning-focused learning

इसमें बच्चे:

  • बातचीत करते हैं
  • vocabulary विकसित करते हैं
  • कहानियाँ सुनते और समझते हैं
  • texts पर प्रतिक्रिया देते हैं
  • reading comprehension विकसित करते हैं
  • अपने विचार व्यक्त करते हैं
  • meaningful writing करते हैं

NCF-FS 2022 इसी प्रकार word recognition और writing accuracy जैसी foundational skills को oral language, comprehension, reading और original writing जैसे higher-order, meaning-focused aspects के साथ संतुलित करने की बात करता है।


एक महत्वपूर्ण pedagogical principle: Decoding सीखते समय कहानी बंद नहीं होनी चाहिए

मान लीजिए बच्चे अभी केवल कुछ अक्षरों और मात्राओं को decode करना सीख रहे हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्हें केवल उन्हीं अक्षरों से बने छोटे-छोटे शब्दों की worksheets कराई जाएँ।

यदि शिक्षक पूरे समय केवल decoding exercises कराता है, तो बच्चों को rich language, vocabulary, syntax, background knowledge और comprehension के पर्याप्त अनुभव नहीं मिलेंगे।

इसके विपरीत, यदि शिक्षक केवल कहानी सुनाता है और बच्चों को अक्षर-ध्वनि संबंध तथा decoding का systematic instruction नहीं देता, तो कुछ बच्चे स्वयं लिखित शब्दों को decode करना सीखने में पीछे रह सकते हैं।

Balanced Approach इन दोनों समस्याओं से बचने का प्रयास करता है।

बच्चे एक साथ दो यात्राएँ करते हैं:

वे लिखित भाषा की संरचना को समझना सीखते हैं और उसी समय लिखित भाषा से अर्थ बनाना भी सीखते हैं।

यही Four-Block Approach का केंद्रीय विचार है।


शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न

दैनिक lesson plan बनाते समय केवल यह पूछना पर्याप्त नहीं है कि:

“आज कौन-सा chapter पढ़ाना है?”

इसके बजाय शिक्षक को चार प्रश्न पूछने चाहिए:

1. Oral Language

आज बच्चों को क्या सुनना और बोलना है?

2. Word Recognition

आज बच्चों को किस ध्वनि, अक्षर, अक्षर-समूह या शब्द को पहचानना/decoding करना सीखना है?

3. Reading

आज बच्चे क्या पढ़ेंगे या सुनेंगे और उससे क्या समझेंगे?

4. Writing

आज बच्चे क्या लिखकर व्यक्त करेंगे?

यदि इन चारों प्रश्नों के उत्तर lesson plan में स्पष्ट हैं, तो lesson केवल “पाठ पूरा करने” वाला lesson नहीं रह जाता; वह एक planned literacy learning experience बन जाता है।


Four-Block Approach को लागू करते समय तीन बड़ी गलतियों से बचें

गलती 1: एक दिन केवल कहानी, दूसरे दिन केवल अक्षर

यदि सोमवार को केवल कहानी, मंगलवार को केवल अक्षर, बुधवार को केवल writing और गुरुवार को केवल reading कराया जा रहा है, तो यह Four-Block Approach की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।

चारों क्षेत्रों को नियमित और दैनिक learning opportunities मिलनी चाहिए।

गलती 2: Word Recognition को केवल वर्णमाला रटाना समझना

Word recognition में केवल “क से कबूतर, ख से खरगोश” याद करवाना पर्याप्त नहीं है।

बच्चे को ध्वनि-संरचना, अक्षर पहचान, sound-symbol association और decoding के माध्यम से वास्तविक शब्दों को पढ़ने की ओर बढ़ना चाहिए।

गलती 3: Writing को केवल handwriting practice बना देना

“क लिखो, क लिखो, क लिखो” writing का एक छोटा हिस्सा हो सकता है, लेकिन literacy के व्यापक अर्थ में writing का उद्देश्य बच्चे को लिखित भाषा में अर्थपूर्ण ढंग से अपने विचार व्यक्त करने की ओर ले जाना है।


Differentiation भी Four-Block Approach का हिस्सा है

सभी बच्चे एक ही गति से word recognition या reading नहीं सीखते।

NCF-FS 2022 उन बच्चों के लिए additional support और differentiated teaching की आवश्यकता पर बल देता है जो basic word-recognition skills अभी तक हासिल नहीं कर पाए हैं। यह support चारों blocks की गतिविधियों के के दौरान, प्रत्येक दिन कुछ 20- 25 मिनट और वर्ष के बीच-बीच में कुछ दिनों तक इस पर कार्य किया जाना चाहिए I

इसका अर्थ है कि शिक्षक को केवल पूरी कक्षा के लिए एक ही activity नहीं करनी चाहिए। Assessment और classroom observation के आधार पर कुछ बच्चों को:

  • अतिरिक्त phonological awareness practice,
  • अधिक decoding practice,
  • छोटे और सरल texts,
  • अधिक guided reading,
  • writing में अतिरिक्त scaffolding,

की आवश्यकता हो सकती है।


इसका सबसे सरल सार है:

हर दिन भाषा को सुनना-बोलना, लिखित भाषा को समझना, पढ़ना और लिखना—चारों के लिए अवसर दें; लेकिन उन्हें चार अलग-अलग डिब्बों की तरह नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए literacy experiences के रूप में सिखाएँ।

यही Four-Block Approach को एक साधारण timetable से आगे ले जाकर Balanced Literacy Instruction बनाता है।

youtube लिंक – https://youtu.be/jucTlLhTRow?si=fY8KVnY3HuaQMeF3

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